हिट एंड रन हड़ताल में हुई सल्लू मियां की एंट्री चालकों की इन दलीलों पर चकरा जाएगी सरकार!

हिट एंड रन मामलों के लिए सरकार द्वारा बनाए गए कठोर कानून का देश भर में विरोध चल रहा है। बहादुरगढ़ में ट्रक और ऑटो यूनियनों के पदाधिकारी की एक बैठक हुई। जिसमें सरकार को चेतावनी दी गई है कि अगर सरकार ने जल्द ही इसका कानून को वापस नहीं लिया तो देश भर में पूरी तरह से चक्का जाम कर दिया जाएगा। इसके साथ ही यहां के ऑटो यूनियन के पदाधिकारियों ने सरकार से अभिनेता सलमान खान की तुलना प्रोफेशनल ड्राइवर से नहीं करने की भी गुहार लगाई है।

हिट एंड रन मामलों के लिए सरकार द्वारा बनाए गए कठोर कानून का देश भर में विरोध चल रहा है। बहादुरगढ़ में ट्रक और ऑटो यूनियनों के पदाधिकारी की एक बैठक हुई। जिसमें सरकार को चेतावनी दी गई है कि अगर सरकार ने जल्द ही इसका कानून को वापस नहीं लिया तो देश भर में पूरी तरह से चक्का जाम कर दिया जाएगा। इसके साथ ही यहां के ऑटो यूनियन के पदाधिकारियों ने सरकार से अभिनेता सलमान खान की तुलना प्रोफेशनल ड्राइवर से नहीं करने की भी गुहार लगाई है। गौरतलब है दिग्गज अभिनेता पर एक हिट एंड रन केस चल रहा है। कुछ वर्ष पहले सलमान की कार ने फुटपाथ पर सो रहे लोगों को रौंदते हुए निकल गई थी जिसमें कई लोगों की मौत हो गई थी। जिसका केस अभी चल रहा है।कथित तौर उस समय सलमान शराब के नशे में थे। इसी हादसे को लेकर हिट एंड रन कानून का विरोध कर चालक तंजिया लहजे में कह रहे हैं कि सरकार सलमान खान से पेशेवर चालकों की तुलना न करे।

बहादुरगढ़ के परनाला गांव में 17 ऑटो और ट्रक यूनियनों के पदाधिकारियों की बैठक हुई। जिसमें सरकार से हिट एंड रन मामलों को देखते हुए बनाए गए कठोर कानून का सभी ने एकमत से विरोध किया। ट्रक ऑपरेटरों का कहना है कि सरकार को अनुभवी कमर्शियल ड्राइवर और पर्सनल व्हीकल ड्राइवर में फर्क समझने की आवश्यकता है। अनुभवी कमर्शियल ड्राइवर पिछले लंबे समय से काम कर रहे हैं और कोई भी ड्राइवर सड़क पर गाड़ी इसलिए नहीं चलाता  कि वह एक्सीडेंट कर सके। अचानक हुई दुर्घटना में दोष चाहे किसी का भी हो लेकिन भुगतना हमेशा बड़े वाहन चालक को ही पड़ता है।

कई बार पुलिस भी बिना वजह ड्राइवर को मामले का दोषी मानकर उनके खिलाफ केस दर्ज कर देती है। ऐसे में इस नए कानून की वजह से न सिर्फ ड्राइवरों पर आर्थिक बोझ बढ़ने जा रहा है। बल्कि 10 साल की सजा होने से उन पर आश्रित परिवार भी पूरी तरह से बर्बाद होने के कगार पर पहुंच जाएंगे। उन्होंने सरकार से इस पर पुनर्विचार करने की मांग की है।हम आपको बता दें कि औद्योगिक क्षेत्र बहादुरगढ़ में 17 ऑटो और ट्रक यूनियन है। जिसे करीब 10 हजार ड्राइवर जुड़े हुए हैं। जो रोजाना कमर्शियल वाहन देश भर की सड़कों पर दौड़ाते हैं। बरहाल ड्राइवर का विरोध लगातार जारी है, देखना होगा कि सरकार कानून पर क्या फैसला लेती है।