तीन विधायकों का समर्थन वापिस लेने के बाद खतरे में हरियाणा सरकार

हरियाणा में सियासी हलचल काफी तेज हो गई हैं। करनाल के नीलोखेड़ी से निर्दलीय विधायक  धर्मपाल गोंदर ने अब सरकार से अपना समर्थन वापिस लेने का एलान कर दिया है और उनका समर्थन कांग्रेस को जाएगा। वो सरकार से काफी नाराज चल रहे थे। उनकी तरफ से कहा गया कि हमने राज्यसभा के चुनाव में , राष्ट्रपति के चुनाव में सरकार का समर्थन किया था, नायब सैनी जी को भी हमने अपना समर्थन दिया था। दो महीने हो गए चुनाव को चलते हुए नीलोखेड़ी, तरावड़ी, निसिंग में कई कार्यक्रम हुए , मुझे किसी भी कार्यक्रम में नहीं बुलाया गया, अब मैंने हल्के की जनता के कहने पर समर्थन वापिस ले लिया । हम तीन विधायकों ने समर्थन सरकार से वापिस लिया है।

हरियाणा में सियासी हलचल काफी तेज हो गई हैं। करनाल के नीलोखेड़ी से निर्दलीय विधायक  धर्मपाल गोंदर ने अब सरकार से अपना समर्थन वापिस लेने का एलान कर दिया है और उनका समर्थन कांग्रेस को जाएगा। वो सरकार से काफी नाराज चल रहे थे। उनकी तरफ से कहा गया कि हमने राज्यसभा के चुनाव में , राष्ट्रपति के चुनाव में सरकार का समर्थन किया था, नायब सैनी जी को भी हमने अपना समर्थन दिया था। दो महीने हो गए चुनाव को चलते हुए नीलोखेड़ी, तरावड़ी, निसिंग में कई कार्यक्रम हुए , मुझे किसी भी कार्यक्रम में नहीं बुलाया गया, अब मैंने हल्के की जनता के कहने पर समर्थन वापिस ले लिया । हम तीन विधायकों ने समर्थन सरकार से वापिस लिया है। कांग्रेस गरीब, किसान हित की पार्टी है। कांग्रेस एक अच्छी पार्टी है।मुझे हल्के की जनता ने आशीर्वाद दिया था। मुझे अपने हल्के के किसी भी कार्यक्रम में चुनाव के दौरान बीजेपी ने नहीं बुलाया।अभी कांग्रेस में शामिल होने की कोई बात नहीं है, और ना हमें मंत्री पद चाहिए था , बस हम अपने हल्के का काम करवाना चाहते थे। धर्मपाल गोंदर करनाल के नीलोखेड़ी से विधायक हैं, जो कि एक आरक्षित सीट है, उन्होंने यहां से निर्दलीय चुनाव जीता था और बीजेपी सरकार को समर्थन दिया था। अब उन्होंने अपना समर्थन वापिस ले लिया है, जिससे सरकार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।