हरियाणा में अब पशुओं के भी आधार कार्ड बनेगे...

हरियाणा में अब पशुओं के भी आधार कार्ड बनेगे, इससे हरियाणा के पशुपालकों को लाभ मिलेगा, यह योजना हरियाणा प्रदेश में लागू की गई है, 12 डिजीट के नंबर में सभी प्रकार का ब्योरा होगा, भविष्य में देश भर में लागू हो सकती है यह योजना

हरियाणा में अब पशुओं के भी आधार कार्ड बनेगे...

हिसार (प्रवीण कुमार) || आधार नंबर अभी तक इंसानों के लिए जरुरी था अब पशुओं के लिए भी यह आवश्यक होगा। पशुओं के लिए आधार नंबर जारी होगे इसे एनीमल रजिस्र्टेशन सर्टिफिकेट कहा जाता है। इस योजना को सरकार ने हरियाणा प्रदेश में लागू किया गया है आगे भविष्य में यह योजना देश में लागू हो सकती है। पशुओं की खरीद फरोख्त के लिए यह बहुत जरुरी नंबर जरुरी होगा। अगर पशुपालक द्वार देश के किसी भी स्थान पर पशुओं को बेचा जाएगा  तब भी यह नंबर बदल नही सकता है।

पशुपालन एवं डेयरी विभाग की तरफ से पशुओं का आधार नंबर डेयरी किया जाएगा। पशुपालन विभाग के निदेशक राजेद्र वत्स ने बताया कि यह नंबर एआरसी केवल पालतु पशुओं के लिए जारी होगा। पशुओं में गाय भैस भेड बकरी और सूअर आदी पशुओं को शामिल किया जाएगा। ऐसे सभी पशुओं को आधार नंबर दिए जाएगे जिन्हें विभाग की तरफ से जारी किया जाएगा और यह नंबर 12 डिजीट का होगा। पशुओं की पहचान के लिए इस नंबर टैगिंग उनके कान में की जाएगी।

पशुपालन विभाग के डिप्टी डारेक्टर राजेंद्र वत्स ने बताया कि पशुओं के लिए आधार नंबर जारी होगे यह एनीमल रजिस्र्टेशन सर्टिफिकेट है इसे हरियाणा प्रदेश में लागू किया है और आने वाले समय में यह योजना देश भर में लागू हो सकती है। इसमे सभी प्रकार की जानकारिया दी गई है पशुओं में गाय भैस भेड बकरी और सूअर शामिल है। उनके विभाग केद्वारा जो एआरसी दिया जाएगा उसमें पशुओं आयु, नसल, लींग, दूध देने की क्षमता,  पशु की कीमत तथा मालिक का फोटो प्रमाण में होता है यूनिट टैग कान में डाल देते है यह नंबर एक ही जारी होगा। इससे बीमा,ऋणँ लेने में आासानी होगी रखरखाव पशुपालत के लिए आसानी होगा। उन्होने बताया कि 12 कोड का टैक लगेगा  टैग नंबर हरियाणा में किसी अन्य का पशु नही होगा और विभाग के पास सभी प्रकार का रिकार्ड उनके पास होगा। उन्होंने बताया कि 100 रुपये में मात्र सरकार से किया जा रहा है और भेड बकरी का बीमा 25 रुपये में किया जाता है। डिप्टी डारेक्टर राजेंद्र वत्स ने पशुपालकों से अपील की है कि सभी पशुपालक अपना बीमा जरुर करवाए। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा पशुपालको को प्रमाण पत्र दिया जाएगा इसमें सभी अधिकारियों को हस्ताक्षर होगे। इस प्रमाण पत्र में सभी प्रकार का ब्योरा होगा। उन्होने कहा कि हम इस पायलैट प्रोजेक्ट को  माडल रुप में प्रस्तुत करना चाहता है इसलिए सभी पशुपालक इस योजना का लाभ जरुर उठाए।