पेयजल संकट को लेकर दातोली गांव के ग्रामीणों ने मतदान का किया बहिष्कार, खाली पड़े हैं बूथ  

मतदान का बहिष्कार किया गया था। उस समय सीएम द्वारा आश्वासन दिया था कि पेयजल समस्या का समाधान हो जाएगा। बावजूद इसके उनके गांव की पेयजल समस्या का समाधान नहीं हुआ। हालांकि प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को समझाने का भी प्रयास किया गया। लेकिन गांव की पंचायत द्वारा लिए फैसले अनुसार कोई भी ग्रामीण मतदान करने नहीं पहुंचा।

पेयजल संकट को लेकर दातोली गांव के ग्रामीणों ने मतदान का किया बहिष्कार, खाली पड़े हैं बूथ  

चरखी दादरी : जिले के गांव दातोली में पिछले 35 वर्षों से पेयजल संकट झेल रहे ग्रामीणों द्वारा पंचायत कर मतदान बहिष्कार किया गया। गांव में पोलिंग पार्टियां पहुंची, अधिकारी पहुंचे लेकिन अब तक कोई भी ग्रामीण मतदान करने नहीं गया। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन भी दिया। बावजूद इसके ग्रामीणों द्वारा मतदान का पूर्ण रूप से बहिष्कार किया गया है। गांव की पंचायत द्वारा लोकसभा चुनाव के दौरान भी मतदान का बष्किार किया था।बता दें कि गांव दातोली के सरपंच दयानंद की अध्यक्षता में पिछले दिनों पंचायत आयोजित कर मतदान का बहिष्कार करने का फैसला लिया गया था। पंचायत में स्पष्ट किया गया था कि गांव का कोई भी नागरिक वोट नहीं डालेगा। क्योंकि उनके गांव में पेयजल समस्या का समाधान करने के लिए अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक अवगत करवा चुके हैं। गांव का जलघर व जोहड़ सूखे पड़े होने से उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मतदान का समय शुरू होने से पूर्व ही ग्रामीणों ने सरपंच दयानंद की अगुवाई में बूथ केंद्रों के बाहर धरना दिया और बहिष्कार जारी रखा। ग्रामीणों ने बताया कि लोकसभा चुनाव के समय भी गांव की पंचायत द्वारा मतदान का बहिष्कार किया गया था। उस समय सीएम द्वारा आश्वासन दिया था कि पेयजल समस्या का समाधान हो जाएगा। बावजूद इसके उनके गांव की पेयजल समस्या का समाधान नहीं हुआ। हालांकि प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को समझाने का भी प्रयास किया गया। लेकिन गांव की पंचायत द्वारा लिए फैसले अनुसार कोई भी ग्रामीण  मतदान करने नहीं पहुंचा।