सिखों के 9 वे गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के प्रकाश दिवस पर सजाया गया जलोह

सच्च्खंड  श्री हरि मंदिर साहिब  में  शरोमणी  गुरुद्वारा  प्रबंधक कमेटी की तरफ से सिखों के 9 वे   गुरु  श्री गुरु तेग बहादुर  जी के   प्रकाश दिवस पर  जलोह सजाया गया,जलोह को देखने के लिए भारी गिनती में श्रध्दालुओ ने दर्शन किये, इस बीच आयी संगत ने पवित्र सरोवर में सनान कर के इस दिन को श्रदा भावना और उत्साह के साथ मनाया , वहीं इस मौके पर जलो सजाये गए   इस जलोह में बहु -कीमती वस्तुए है, जिनमे हीरे, जवाहरात, सोने - चांदी का समान आदि श्रध्दालुओ के दर्शन के लिए सजाया जाता है,

सिखों के 9 वे गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के प्रकाश दिवस पर सजाया गया जलोह

अमृतसर (सोनू सोढ़ी) || सच्च्खंड  श्री हरि मंदिर साहिब  में  शरोमणी  गुरुद्वारा  प्रबंधक कमेटी की तरफ से सिखों के 9 वे   गुरु  श्री गुरु तेग बहादुर  जी के   प्रकाश दिवस पर  जलोह सजाया गया,जलोह को देखने के लिए भारी गिनती में श्रध्दालुओ ने दर्शन किये, इस बीच आयी संगत ने पवित्र सरोवर में सनान कर के इस दिन को श्रदा भावना और उत्साह के साथ मनाया , वहीं इस मौके पर जलो सजाये गए   इस जलोह में बहु -कीमती वस्तुए है, जिनमे हीरे, जवाहरात, सोने - चांदी का समान आदि श्रध्दालुओ के दर्शन के लिए सजाया जाता है, जिनमे सोने के दरवाजे, सोने के पांच कस्सी, चांदी के पांच तसल्ला शामिल है, इस के इलावा महाराजा रणजीत सिंह द्वारा दिए गए नो लाखा हार, नील कण्ड का मोर, सोने के छतर, असली मोतीयो की माला आदि का प्रदर्शन आज के दिन जलोह द्वारा श्रध्दालुओ के लिए सजाया जाता है |

जिनमे हीरे, जवाहरात, सोने-चांदी का समान आदि श्रध्दालुओ के दर्शन के लिए सजाया जाता है, जिनमे सोने के दरवाजे, सोने के पांच कस्सी, चांदी के पांच तसल्ला शामिल है,वहीँ इस मौके पर सच खंड में मोर पंखी हार आकर्षण का केंद्र रहता है श्रध्दालु जलोह के दर्शन कर आपने आप को भाग्य-शाली  समझाते है, इस मौके पर सच्च्खंड  श्री हरि मंदिर साहिब में प्रकाश दिवस बड़ी धूम -धाम  से मनाया गया, इस दौरान श्रध्दालुओ ने  सच्च्खंड  श्री हरि मंदिर साहिब  के सरोवर में स्नान किया और आपने मन की शांति के लिए गुरु घर में अरदास कर गुरु घर की खुशीया प्राप्त की, वहीँ यहाँ आये शर्दालुओं का कहना है की आज यह उन के लिए ख़ुशी का दिन है की वेह यहाँ पर आये है और आज वेह गुरु घर की खुशियाँ प्राप्त कर रहे है साथ ही उन का कहना हिया की वैसे तो हरिमंदिर में स्नान पवित्र समजा जाता है लेकिन आज स्नान करने से सबी के दुःख दूर हो जाते है और उन की मनोकामना पूरी होती है |

आज इस पवित्र दिवस पर यहाँ आये है और आज उन के लिए कोई शब्द ही नहीं है की वेह आपनी ख़ुशी को ब्यान कर सके , साथ ही लोगों का कहना है कि आज हमे सिक्षा लेनी चाहिय और अपने धर्म का सन्मान किया जाना चाहिय , साथ ही जलो से हमे एक सन्देश मिलाता है कि किस तरह गुरु साहिबान ने एक अलोकिक खजना उन को दिया है , वहीँ आज उन को बहुत ख़ुशी है कि वेह यहाँ पर यहाँ पर दर्शन करने के लिए ए है साथ ही विदेशो में बी लोग सीखी के साथ जुड़े है , लेकिन अमृतसर में आ कर  उन को सब स ज्यादा ख़ुशी हुई है वहीँ इस तरह का अलोकिक नज़ारा उन्होंने आज तक कभी नहीं देखा