गेहूं की खरीद सुनिश्चित नहीं कर सकते तो गद्दी छोड़े खट्टर-चौटाला सरकार - सुरजेवाला

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा है कि हरियाणा का किसान फसल गेहूं की खरीद न हो पाने से बेहद निराश और हताश है, यदि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला कटाई के 20 दिन बाद भी गेहूं की खरीद सुनिश्चित नहीं कर सकते तो उन्हें अपने पदों पर बने रहना का कोई नैतिक अधिकार नहीं है और उन्हें गद्दी तुरंत छोड़ देनी चाहिये।

गेहूं की खरीद सुनिश्चित नहीं कर सकते तो गद्दी छोड़े खट्टर-चौटाला सरकार - सुरजेवाला

कैथल (विपिन शर्मा) || वरिष्ठ कांग्रेस नेता और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा है कि हरियाणा का किसान फसल गेहूं की खरीद न हो पाने से बेहद निराश और हताश है, यदि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला कटाई के 20 दिन बाद भी गेहूं की खरीद सुनिश्चित नहीं कर सकते तो उन्हें अपने पदों पर बने रहना का कोई नैतिक अधिकार नहीं है और उन्हें गद्दी तुरंत छोड़ देनी चाहिये।

कैथल अनाज मंडी का दौरा कर आढ़ती, पीड़ित किसानों व मजदूरों से बातचीत करने के बाद सुरजेवाला ने कहा कि प्रदेश सरकार से अपनी हठधर्मिता के कारण किसानों, आढ़तियों व मजदूरों को परेशान कर रही है। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार को समझना चाहिए की यह समय अहंकार की लड़ाई और हठधर्मिता का नहीं है बल्कि सभी को एकजुट होकर कोरोना वायरस से लड़ना चाहिये। कांग्रेस पार्टी और उसके सब नेता सरकार को पिछले एक महीने से लगातार आगाह कर रहे थे, लेकिन सरकार अपने घमंड में इतनी चूर है थी की, उसने उन सभी सुझावों पर कोई ध्यान नहीं दिया, जिससे आज प्रदेश का किसान खून के आसूं रो रहा है। दूसरी ओर, सरकार में बैठे बड़े मंत्री और अधिकारी बेपरवाह अपने एसी कमरों में आराम फरमा रहे हैं, जो किसी भी लोकतंत्र में कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता। 

सुरजेवाला ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी से लड़ना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, ऐसे में प्रदेश की भाजपा -जजपा सरकार को अपना घमंड त्याग कर किसानों, आढ़तियों व मजदूरों के सालों पुराने रिश्ते में दरार डालने की बजाए, आढ़तियों की मांग मानते हुए गेहूं व सरसों की सुचारू खरीद सुनिश्चित करवाना चाहिए था। सभी जानते हैं की आज के हालात में बिना आढ़तियों के गेहूं की खरीद संभव ही नहीं है, लेकिन सरकार सत्ता के गरूर में इतनी चूर है कि आढ़तियों व किसानों की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि पहले से ही गेहूं की खरीद 20 दिन लेट हो चुकी है और अब दो दिन से भी सरकार की बड़ी-बड़ी घोषणाओं के बावजूद गेहूं की खरीद नहीं हो पाई है। यही नहीं, सरसों की खरीद भी रूकी हुई है और मंडियां खाली पड़ी हैं तथा आढ़ती प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसके लिए केवल व केवल प्रदेश सरकार की गलत नीतियां ही जिम्मेदार हैं।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने अन्नदाता किसान की ओर से खट्टर-दुष्यंत चौटाला की जोड़ी से सवाल पूछते हुए कहा कि 

1. गेहूँ खरीद में चैतरफा बदइंतजामी व बदहाली का क्या कारण है? खट्टर सरकार किसान की गेहूँ, मंडियों में आने के बावजूद क्यों नहीं खरीद रही? क्या यह सरकार की संपूर्ण विफलता का सबूत नहीं?

2. भाजपा-जजपा सरकार किसान-आढ़ती के दशकों पुराने गठजोड़ को तोड़ने का षडयंत्र क्यों कर रही है? किसान-आढ़ती-मजदूर के सामूहिक सहयोग के बगैर फसल कैसे खरीदी जाएगी? फसल खरीद बारे आए दिन बदलते हुए परस्पर विरोधी तुगलकी फरमान जारी करने का क्या कारण है?

3. भाजपा-जजपा सरकार प्रति किसान व आढ़ती से सारी गेहूँ न खरीद, सीमित खरीद ही क्यों कर रही है? क्या इस प्रकार से गेहूँ खरीद की प्रक्रिया (जिसमें पहले ही 20 दिन की देरी हो चुकी) अब तीस दिन के खरीद चक्र से बढ़कर 100 से 120 दिन नहीं हो जाएगी? ऐसे में, गरीब किसान अपनी फसल का भंडारण कहां और कैसे करेगा, मजदूर को मेहनताना कैसे देगा व बेमौसमी बारिश से फसल नष्ट होने को कैसे बचाएगा? ऐसे में किसान अगली खरीफ की फसल की बुआई कैसे कर पाएगा?

4. क्या कारण है कि गेहूँ मंडी में लाने वाले किसान का मौके पर रजिस्ट्रेशन हो गेहूँ की बिक्री नहीं हो रही? ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ वेब पोर्टल पर गेहूँ खरीद के लिए रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख, 19 अप्रैल, 2020 ही क्यों, जैसा खट्टर साहब ने 7 अप्रैल की पत्रकार वार्ता में कहा है?

5. भाजपा-जजपा सरकार किसान को गेहूँ खरीद पर 125 रु. क्विंटल का बोनस न दे विश्वासघात क्यों कर रही है? क्या 125 रु. क्विंटल बोनस देने का वादा खट्टर सरकार ने 26 मार्च, 2020 को लिखित में नहीं किया था?

सुरजेवाला ने कहा कि मनोहर लाल खट्टर व दुष्यंत चौटाला यह जान लें कि गेहूँ खरीद में जानबूझकर की जा रही इस बेहाली को हरियाणा का किसान-आढ़ती-मजदूर कभी बर्दाश्त नहीं करेगा और न ही खट्टर सरकार के निकम्मेपन को माफ करेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा-जजपा सरकार अब भी होश में आए और हरियाणा के लोगों की इस चेतावनी को ध्यान से समझ ले कि यदि गेहूँ खरीद सुचारू रूप से नहीं हुई, तो खट्टर सरकार एक दिन भी सत्ता में नहीं बनी रह पाएगी।