गेहूं की सरकारी खरीद नहीं करेंगे आढती, किसान बैरंग लौटे

चरखी दादरी। गेहूं की सरकारी खरीद के पहले दिन दादरी जिला की मंडियों में किसान गेहूं लेकर तो पहुंचे, लेकिन आढतियों ने खरीद करने से मना कर दिया। जिसके कारण दादरी जिला के किसानों को अपनी फसल के साथ बैरंग लौटना पड़ा। आढतियों ने मीटिंग करते हुए पुराने नियमों अनुसार खरीद करने की मांग की। साथ ही कहा कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वे गेहूं की खरीद नहीं करेंगे।

गेहूं की सरकारी खरीद नहीं करेंगे आढती, किसान बैरंग लौटे

चरखी दादरी (प्रदीप साहू) || गेहूं की सरकारी खरीद के पहले दिन दादरी जिला की मंडियों में किसान गेहूं लेकर तो पहुंचे, लेकिन आढतियों ने खरीद करने से मना कर दिया। जिसके कारण दादरी जिला के किसानों को अपनी फसल के साथ बैरंग लौटना पड़ा। आढतियों ने मीटिंग करते हुए पुराने नियमों अनुसार खरीद करने की मांग की। साथ ही कहा कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वे गेहूं की खरीद नहीं करेंगे। वहीं आढतियों व प्रशासनिक अधिकारियों की मीटिंग हुई, जो बेनतीजा रही। फिलहाल किसानों द्वारा मंडियों में डाली गई गेहूं की फसल पर जहां बारिश के बादल मंडराने लगे हैं।
सरकार द्वारा खरीद एजेंसियों के माध्यम से सोमवार को गेहूं की सरकारी खरीद शुरू की गई है। 

खरीद के पहले दिन किसान गेहूं लेकर मंडियों में पहुंचे जरूर लेकिन आढतियों ने गेहूं लेने से मना कर दिया। आढती एसोसिएशन के प्रधान रामकुमार रिटोलिया की अध्यक्षता में आढतियों की मीटिंग नई अनाजमंडी में हुई। जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि अगर सरकार पुराने नियमों अनुसार खरीद करवाए तो ही आढती गेहूं की खरीद करेंगे। अन्यथा इस बार गेहूं की सरकारी खरीद नहीं करेंगे। वहीं आढतियों व प्रशासनिक अधिकारियों की आढतियों से भी वार्ता हुई। जिसमें आढतियों अपनी मांगों पर अड़े रहे। वहीं फसल लेकर मंडी आए किसान मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचकर समाधान की मांग की। किसानों ने कहा कि देर रात किसानों के मोबाइल पर खरीद का मैसेज आता है। ऐसे में किसान अपनी फसल कैसे ला सकता है। किसान इस खरीद से काफी परेशान हैं। भाकियू जिलाध्यक्ष जगबीर घसोला ने कहा कि जिन किसानों के गेट पास कट चुके हैं और गेहूं मंडी में आ चुका है, खरीद की जाए। अन्यथा किसान व भाकियू लॉकडाउन का उल्लंघन करते हुए रोष जताएंगे।

आढती एसोसिएशन के प्रधान रामकुमार रिटोलिया ने बताया कि गेहूं खरीद के दौरान फसल का पैसा आढतियों के माध्यम से किसानों को दिया जाए, जिला में मंडियों की संख्या कम हो और आढतियों को मिलने वाली आढत भी पुराने नियमों अनुसार मिले। उन्होंने बताया कि आढतियों ने मीटिंग करके गेहूं की खरीद नहीं करने का निर्णय लिया है। जो गेहूं मंडियों में पहुंचा है, उसकी बिडिंग व लिफ्टिंग नहीं की जाएगी। अगर कोई आढति निर्णय की अवहेलना करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।