जिंदा रहते इलाज के लिए भटके, मरकर भी शांति से नसीब नहीं हो रही दो गज जमीन

एक तरफ तो देश में कोराना से पूरा देश त्रस्त है जिस तरह से लोगों को श्मशान में भी 2 गज जमीन नसीब भी नहीं हो पा रही थी उसके लिए भी लोगों को इंतजार करना पड़ रहा था

जिंदा रहते इलाज के लिए भटके, मरकर भी शांति से नसीब नहीं हो रही दो गज जमीन

Mathura (Madan Sarswat) || एक तरफ तो देश में  कोराना से पूरा देश त्रस्त है जिस तरह से  लोगों को श्मशान में  भी 2 गज जमीन नसीब भी नहीं हो पा रही थी उसके लिए भी लोगों को इंतजार करना पड़ रहा था  जबकि  यहां तो  गांव के नजदीक भी नाथ संप्रदाय की महिला का दाह संस्कार नहीं होने दिया वन विभाग ने कई घण्टे शव को परिजन बैठे रहे रास्ते में रखकर पुलिस पहुंची मौके पर मुश्किल से लोगों को समझाया तब जाकर दाह संस्कार के लिए मिली परमिशन तब हुआ महिला का दाह संस्कार |

बताया जा रहा है कि मथुरा थाना गोवर्धन के गांव नगला सपेरा में नाथ संप्रदाय की एक महिला नेमा देवी (50) की मौत हो गई तो परिजन और कुछ ग्रामीण शव का दाह संस्कार करने के लिए श्मशान लेकर पहुंचे तो वन विभाग कर्मचारी ने शव का दाह संस्कार उस जगह पर करने के लिए मना कर दिया और किसी भी कीमत पर वन विभाग की जमीन पर दाह संस्कार करने से वन्य कर्मी ने साफ इंकार कर दिया तो परिजन सबको रख कर वही परिक्रमा मार्ग में बैठ गए जबकि बताया जा रहा है  कि लगभग  50 वर्ष से उक्त लोग वन विभाग की जमीन में मृतक को समाधि देते आए हैं। वन विभाग की जमीन में दाह संस्कार ना करने के संबंध में वन विभाग कर्मचारी ने बताया कि माननीय एनजीटी न्यायालय के आदेश के अनुसार वन संरक्षण क्षेत्र में कोई भी किसी भी तरह का हस्तक्षेप या अन्य क्रियाकलाप नहीं कर सकता और ना ही गड्ढा खोदने की इजाजत है । वहीं मृतका के पुत्र का कहना है की माता जी का दाह संस्कार वन विभाग अपनी जमीन में नहीं करने दे रहा है जबकि वर्षों से यहां पर होते चले आ रहे हैं दाह संस्कार ना होने से परेशान परिजनों ने सब को बीच रोड पर रखकर नाथ समुदाय के द्वारा राधा गोवर्धन राधा कुंड परिक्रमा मार्ग को जाम लगाने की सूचना पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर समाधि लगाने के लिए भेज दिया गया जबकि पूर्व प्रधान का कहना है कि गांव के समीप कोई भी ऐसी जगह नहीं है जहां लोगों का दाह संस्कार किया जा सके बरसों से इसी जगह पर दाह संस्कार करते चले आ रहे हैं जगह के लिए कई बार शिकायतें की गई है मगर प्रशासन की ओर से अभी तक कहीं भी ऐसी जगह उपलब्ध नहीं कराई गई है जहां लोगो का दाह संस्कार किया जा सके।