पन्ना टाईगर रिजर्व के समीपी ग्राम विक्रमपुर में बाघिन ने डाला डेरा, गांव में दहसत का माहौल

पन्ना टाईगर रिजर्व सीमा के समीपी ग्राम विक्रमपुर में बाघिन 213(63) ने पिछले तीन दिनों से डेरा जमा रखा है। वह गावँ के समीप खेतों में लगी झाड़ियों में छुपी बैठी है। जिससे विक्रमपुर गावँ में बीते तीन दिनों से दहसत का माहौल है |

पन्ना टाईगर रिजर्व के समीपी ग्राम विक्रमपुर में बाघिन ने डाला डेरा, गांव में दहसत का माहौल

Panna (Atul Rakwar) || पन्ना टाईगर रिजर्व सीमा के समीपी ग्राम विक्रमपुर में बाघिन 213(63) ने पिछले तीन दिनों से डेरा जमा रखा है। वह गावँ के समीप खेतों में लगी झाड़ियों में छुपी बैठी है। जिससे विक्रमपुर गावँ में बीते तीन दिनों से दहसत का माहौल है। लिहाजा किसान खेतों में काम करने जाने से डर रहे है। पन्ना टाईगर रिजर्व प्रबंधन को बाघिन की जानकारी लगते ही मौके पर गश्ती दल लगाया गया है। जंगल से निकल कर विक्रमपुर के एक खेत मे जमी बैठी इस बाघिन को जंगल की ओर खदेड़ने की लिए पन्ना टाइगर रिज़र्व प्रबंधन ने दो हाथियों को भी लगाया है।

जिसे भगाने के लिए पन्ना टाइगर रिज़र्व का टाइगर गस्ती दल ,हाथी ओर जनता द्वारा भारी शोर मचाने के बाद बाघिन उठ कर जंगल की ओर चली गयी।जिसका वीडियो किसी ग्रामीण ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया और वायरल कर दिया। इस वीडियो में बाघिन को हाथियों के सहारे गावँ से दूर भगाया जा रहा है और बाघिन खेतों से जंगल की ओर दौड़ लगाते दिख रही है। इस संबंध पन्ना टाइगर रिज़र्व के क्षेत्र संचालक उत्तम कुमार शर्मा ने आज जानकारी देते हुए बताया कि यह बाघिन 213(63) है जो ढाई वर्ष की बयस्क बाघिन है। लेकिन इसने अभी तक शावकों को नही जना है जो कभी कभी जंगल से निकलकर रिहायसी इलाके की ओर आ जाती है।इसको हाथियों के सहारे फिलहाल जंगल की ओर भगा दिया गया है। लेकिन वह इसी एरिया में पली बड़ी है।इसलिए वह कभी कभी आ जाती है। प्रबंधन इस क्षेत्र में फेंसिंग की योजना बना रहा है।पन्ना में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है और जंगल का दायरा सीमित है कभी कभी ऐसे में भी बाघ जंगल से बाहर निकल आते है।फिलहाल किसी ग्रामीणों को नुकसान न पहुचे इसके लिए टाइगर रिज़र्व के बाघ गस्ती दल को लगा दिया है। इसको सेटेलाइट कॉलर पहले ही पहनाया गया है जिसके माध्यम से हम इसकी लोकेशन को ट्रेस करते रहते है।