लॉकडाउन का फायदा उठा शिक्षक ने बदल दी सरकारी स्कूल की काया

लॉकडाउन और कोरोना के इस काल में अब तक बुरी ख़बरों से ही पाला पड़ा। कोरोना काल मे लोगो को मरने का भय सता रहा था। तो शिक्षक ने इस बातो की परवाह किये , बगेर उन्होंने कुछ ऐसा किया, एक शिक्षक ने स्कूल की काया पलटने का काम किया है।

लॉकडाउन का फायदा उठा शिक्षक ने बदल दी सरकारी स्कूल की काया

Bhiwani (Ankit Thakur) || लॉकडाउन और कोरोना के इस काल में अब तक बुरी ख़बरों से ही पाला पड़ा। कोरोना काल मे लोगो को मरने का भय सता रहा था। तो शिक्षक ने इस  बातो की परवाह किये , बगेर उन्होंने कुछ ऐसा किया, एक शिक्षक ने स्कूल की काया पलटने का काम किया है। जो शायद ही हम में से किसी ने किया हो।

जी हा हम बात कर रहे है। हरियाणा के भिवानी जिले के एक छोटे से गाँव पहलादगढ़ की। सरकारी स्कूल के शिक्षक सत्यप्रकाश गिल की। इन्होने लॉकडाउन का फायदा उठाकर अपने सरकारी स्कूल की काया पलटने का काम किया है। ये काम इतना आसान नहीं था पैसों से लेकर काम करने वालों तक की कमी होने के बावज़ूद, उन्होंने ये सब किया। शायद इसे ही "आपदा में अवसर" कहते हैं।

उन्होंने बताया कि वे इस स्कूल के प्रभारी हैं। और स्कूल के प्रति बच्चों का रुझान बढ़ाने के लिए उन्होंने ये कार्य किया। बीते कुछ समय से बच्चे सरकारी स्कूलों की तरफ रुख़ नहीं कर रहे हैं। उन्हें सौंदर्यीकरण के लिए 20 हज़ार रुपए सरकार की तरफ से मिले थे, बाकि खर्च उन्होंने खुद और लोगों की मदद से वहन किया। बड़ी बात ये है कि रंगाई और चित्रकारी का काम उन्होंने खुद किया है। क्योंकि लॉकडाउन की वज़ह से मदद मिलनी मुश्किल थी। बाद में बगीचे में पौधे सभी की मदद से लगाए। राजस्थान के जैसलमेर के एक सरकारी स्कूल से उन्हें ये प्रेरणा मिली। ये कार्य 2020 के लॉकडाउन से अब तक पुरा किया है। वही स्कुल की प्रिंसिपल व गाव के सरपंच विनोद कुमार ने बताया कि ये सब इनकी मेहनत व लगन के चलते हुआ है। रंगाई और चित्रकारी का काम खुद किया है। क्योंकि लॉकडाउन की वज़ह से मदद मिलनी मुश्किल थी।  ये कार्य 2020 के लॉकडाउन से अब तक पुरा किया है। गौरतलब है कि जिस दौर में सरकारी शिक्षक मुफ़्त का वेतन लेने के मामले में प्रसिद्ध हैं।वहीं आज देश में ऐसे शिक्षक भी मौजूद हैं।