दिल्ली के छावला में एक हाथ का बाहुबली, कमर में 172 हाथ में 26 और सिर में 47 टांके होने के बाद भी हिम्मत नही हारते सुरेंदर शर्मा

हम सुरेंदर को बाहुबली इसलिए कह रहे हैं क्योंकि जितनी मेहनत सुरेंद्र शर्मा करते हैं शायद कोई नहीं कर सकता हम आपको बता दें सुरेंद्र शर्मा की 2001 में ट्रांसपोर्ट में अकाउंटेंट की नौकरी लगी थी नौकरी पर जाते टाइम एक एक्सीडेंट में सुरेंद्र शर्मा अपना एक हाथ खो बैठे उस एक्सीडेंट में सुरेंद्र शर्मा बहुत बुरी तरीके से घायल हो चुके थे।

दिल्ली के छावला में एक हाथ का बाहुबली, कमर में 172 हाथ में 26 और सिर में 47 टांके होने के बाद भी हिम्मत नही हारते सुरेंदर शर्मा

Delhi (Bureau report) || हम सुरेंदर को बाहुबली इसलिए कह रहे हैं क्योंकि जितनी मेहनत सुरेंद्र शर्मा करते हैं शायद कोई नहीं कर सकता हम आपको बता दें सुरेंद्र शर्मा की 2001 में ट्रांसपोर्ट में अकाउंटेंट की नौकरी लगी थी नौकरी पर जाते टाइम एक एक्सीडेंट में सुरेंद्र शर्मा अपना एक हाथ खो बैठे उस एक्सीडेंट में सुरेंद्र शर्मा बहुत बुरी तरीके से घायल हो चुके थे। अब आप हैरान हो जाएंगे यह सुनकर की सुरेंद्र शर्मा की कमर में 172 टांके लगे हुए हैं सिर में 47 टांके लगे हुए हैं और हाथ में 26 टांके लगे हुए हैं। इतना सब कुछ होने के बाद भी सुरेंदर शर्मा हिम्मत नहीं हारते सुरेंद्र शर्मा एक हाथ से कस्सी चलाकर लोगों के लिए ऑक्सीजन पैदा करते हैं सुरेंद्र शर्मा एक हाथ से गाड़ी चला कर हर महीने जरूरतमंद लोगों को फ्री में तीर्थयात्रा कराते हैं इतना ही नहीं सुरेंदर शर्मा एक हाथ से 20 लीटर की पानी की बोतल को लोगों के घरों तक पहुंचाते हैं।

सुरेंद्र शर्मा की पत्नी रमा शर्मा का कहना है कि उनके पति सुरेंदर शर्मा बहुत महंती हैं। वैसे तो सुरेंदर पानी की बोतल का काम करते हैं लेकिन लोक डाउन में जब काम बंद हो गया तो सुरेंद्र ने सब्जियां बेच-बेच कर घर का खर्चा चलाया उसी दौरान रामा शर्मा की तबीयत भी खराब हो गई थी तो सुरेंद्र शर्मा ने अपनी पत्नी का पूरा साथ दिया और उनका अच्छे से इलाज भी कराया।

सुरेंद्र शर्मा के दोस्त सुरेंद्र प्रजापति का कहना है कि सुरेंद्र शर्मा बहुत ही खुद्दार किसम का आदमी है। सुरेंद्र शर्मा जब सर्विस करता था तब भी बहुत मेहनती था। ड्यूटी जाते समय सुरेंदर शर्मा का एक्सीडेंट हो गया था जिसमें में सुरेंदर शर्मा अपना एक हाथ खो बैठे थे इसके बाद भी सुरेंद्र शर्मा ने कभी हिम्मत नहीं हारी सुरेंद्र शर्मा ने लोक डाउन में सब्जी बेच कर अपने घर का खर्चा तो चलाया ही साथ ही बेरोजगार लोगों को खाना भी खिलाया सुरेंद्र शर्मा 20 लीटर की बोतल को दो-दो तीन-तीन मंजिलो तक लोगों के घरों में पहुँचता है शायद ही कोई इतनी मेहनत कर पाएगा।

सुरेंद्र शर्मा की दुकान के मालिक हरफूल का कहना है की सुरेंदर शर्मा से मेहनती इंसान शायद ही कोई और होगा क्योंकि सुरेंद्र शर्मा एक हाथ से 20 लीटर की बोतल उठाकर अपनी दुकान से लोगों के घर-घर तक पहुंचाते हैं। साथ ही सुरेंदर शर्मा हर महीने जरूरतमंद लोगों को फ्री में तीर्थ यात्रा कराते हैं। सबसे बड़ी हैरान का देने वाली बात यह है कि सुरेंदर शर्मा अपने एक हाथ से अपनी कार चलाकर लोगों को तीर्थयात्रा खाते हैं।