मथुरा में एकादशी पर परिक्रमा दे रहे श्रद्धालुओ को पुलिस ने बेरंग लौटाया

वृन्दावन आज वैशाख माह के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली मोहिनी एकादशी है। चूंकि श्रीधाम वृन्दावन एक धार्मिक नगरी है। भगवान श्रीकृष्ण की क्रीड़ास्थली है। देश के कोने कोने से ही नहीं अपितु दुनिया भर से श्रद्धालु यहां श्रीकृष्ण का दीदार करने के लिए आते हैं।

मथुरा में एकादशी पर परिक्रमा दे रहे श्रद्धालुओ को पुलिस ने बेरंग लौटाया

Mathura (Pawan Gupta) || वृन्दावन आज वैशाख माह के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली मोहिनी एकादशी है। चूंकि श्रीधाम वृन्दावन एक धार्मिक नगरी है। भगवान श्रीकृष्ण की क्रीड़ास्थली है। देश के कोने कोने से ही नहीं अपितु दुनिया भर से श्रद्धालु यहां श्रीकृष्ण का दीदार करने के लिए आते हैं। मोहिनी एकादशी है। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु वृन्दावन की चारकोसीए परिक्रमा कर पुण्य लाभ अर्जित करने के लिये अपने अपने घर से निकले थे।

परिक्रमा करते प्रभु भक्ति में लीन श्रद्धालु यूं ही अटल्ला चुंगी चौराहे पर पहुंचे। पुलिस ने उनके पग वहीं थाम दिये। पूछने पर पता चला कि कोरोना महामारी के कारण प्रदेश में लॉक डाउन लगा हुआ है। पुलिस ने सभी श्रद्धालुओं से अपने अपने घर लौटने का अनुरोध किया। इस दौरान पुलिस ने कई वाहनों के भी चालान काटे। अब पुलिस के सामने मुश्किल ये आ रही थी कुछ श्रद्धालु तो पुलिस की बात मानने को तैयार ही नहीं थे। परिक्रमा में बढ़ती भीड़ को देखते हुये अद्धा चौकी प्रभारी मनोज शर्मा, एसआई विनोद भारद्वाज और महिला उपनिरीक्षक रितु पुलिसबल के साथ श्रद्धालुओं को समझाने का लगातार प्रयास करती रहीं। बात तो पुलिस की भी सही थी। जब लॉक डाउन है तो भीड़ क्यूं। लेकिन बात आस्था की भी है। माहिनी एकादशी का मौका वो भी त्रि स्पर्शा का दुर्लभ संयोग।

मैंने इस संयोग के बारे में जब अपने अजीज भागवताचार्य कृपाशंकर जी से पूछा तो उन्होंने इसका महत्व बताया कि प्रयाग में मृत्यु होने से, द्वारका में श्रीकृष्ण के निकट गोमती में स्नान करने से, जो शाश्वत मोक्ष प्राप्त होता है। वही फल त्रि स्पर्शा एकादशी का उपवास करने से मिलता है। अब आप खुद ही सोच लीजिए श्रद्धालु कहाँ मानने वाले थे इस दुर्लभ संयोग में परिक्रमा करने से। कहा जाता है कि परिक्रमा में पड़ने वाले एक एक पग का फल कई यज्ञों के बराबर होता है।