गुरुग्राम सेक्टर 53 पर सेंट्रल प्लाजा मॉल में हुआ करोड़ो रूपये का गबन...

साइबर सिटी गुडगांव के सेक्टर 53 स्थित डीएलएफ गोल्फ कोर्स रोड पर सेंट्रल प्लाजा मॉल में सेंट्रल प्लाजा ऑनर वेलफेयर एसोसिएशन पर मेन्टेन्स के नाम पर दुकानदारों ने करोड़ों रूपए के गबन के आरोप लगाए है इस मामले में कोर्ट के आदेश पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ है जिसमे सेंट्रल प्लाजा ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष अर्चना यादव , पूर्व अध्यक्ष प्रवीन कुमारी ,पूर्व अध्यक्ष अंबिक खेमका ,पूर्व अध्यक्ष राम अवतार यादव ,एसोसिएशन के अध्यक्ष का पति पवन यादव , खजांची चंदरूप सिंह ,सदस्य संजीव बत्रा,सदस्य लौकांतिक जैन के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है ।

गुरुग्राम सेक्टर 53 पर सेंट्रल प्लाजा मॉल में हुआ करोड़ो रूपये का गबन...

गुरुग्राम (संजय खन्ना) || ऊँची दुकान और फीके पकवान' यह कहावत बिल्कुल फिट बैठती है गुरुग्राम के सेंट्रल प्लाजा मॉल की एसोसिएशन पर ।दरअसल सेंट्रल प्लाजा मॉल की एसोसिएशन पर करोड़ों रुपए के गबन का आरोप लगा है।मॉल के दुकानदारो द्वारा हर महीने लाखों रुपए महीने के मेंटेनेंस देने के बावजूद वो सुविधा के लिए तरस रहे हैं। मॉल में सफाई के नाम पर खानापूर्ति हो रही है तो वही अन्य सुविधा भी ठप पड़ी है। वहीं दुकानदारों का आरोप है कि मेंटेनेंस के पैसों से एसोसिएशन द्वारा करोड़ों रुपए का गबन किया जा चुका है।

गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड स्थित सेंट्रल प्लाजा मॉल में अपनी जीवन पूंजी से करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद व्यापार करने के लिए कई लोगों ने पहले दुकानें खरीदी थी। यही नहीं अब भी हर महीने लाखों रुपए मॉल के अंदर दुकान चलाने के लिए मेंटेनेंस का भुगतान किया जाता है लेकिन उस मेंटेनेंस के नाम पर एसोसिएशन लोगों के साथ बीते कई साल से धोखाधड़ी करती रही और किसी को कानों कान खबर तक नहीं हुई लेकिन जब इस बात का खुलासा हुआ तो दुकानदारों ने इंसाफ के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने भी आरोपों की जांच के लिए एफआईआर करने के आदेश जारी किए और कोर्ट के आदेश के बाद एफआईआर तो हुई लेकिन उसके छह महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं देखने को मिली। यह कोई पहला मामला नहीं है कि एसोसिएशन पर मेन्टेन्स के नाम पर करोड़ो रुपए वसूले गए हो इससे पहले भी गुरुग्राम के बड़े बड़े मॉल की एसोसिएशन व सोसायटी की एसोसिएशन पर करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी के आरोप लगते आए हैं लेकिन सवाल यह उठता है कि अगर दुकानदार मेंटेनेंस के लिए लाखों रुपए हर महीने दे रहा है तो क्या सुविधा का लाभ उसको नहीं मिलना चाहिए और अगर एसोसिएशन अपने फायदे के लिए ऐसे ही करोड़ों रुपए का गबन करते रहेंगे तो फिर ऐसी एसोसिएशन का क्या फायदा । क्योंकि एसोसिएशन तो लोगों के हित में काम करने के लिए होती है ना कि लूटने के लिए ।बहरहाल देखना होगा कि जिस एसोसिएशन पर यह आरोप लगे है उन पर पुलिस क्या कार्यवाही करती है ।