महाकालेश्वर मंदिर को 110 दिनों में मिला 23 करोड़ का दान, भक्तों ने 8 करोड़ रुपए के खरीदे लड्डू...

महाकालेश्वर मंदिर में पिछले तीन माह में दान पेटी, लड्डू प्रसाद विक्रय, ऑन लाइन दान और शीघ्र दर्शन व भस्मारती शुल्क से 23 करोड़ रुपए मंदिर के खजाने में प्राप्त हुए है | मन्दिर समिति के अध्यक्ष कलेक्टर आशीष सिंह ने यदि सभी प्रकार के खर्चे हटा दिए जाए तो मन्दिर समिति को तीन माह में 9 करोड़ रुपए की आय हुई है।

महाकालेश्वर मंदिर को 110 दिनों में मिला 23 करोड़ का दान, भक्तों ने 8 करोड़ रुपए के खरीदे लड्डू...

Ujjain (Manish) || लॉकडाउन के बाद महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में करीब तीन महीने में 23 करोड़ रुपए का चढ़ावा आया है। इनमें से यदि खर्च हटा दिया जाए तो कुल 9 करोड़ रुपए की आय हुई है। 28 जून से मंदिर का दरबार श्रद्धालुओं के लिए खोला गया था। इन दौरान श्रद्धालुओं ने दिल खोलकर बाबा महाकाल के खजाने में दान दिया है। ये आय 28 जून 2021 से लेकर 15 अक्टूबर 2021 तक की है। दान पेटी में से विदेशी करेंसी भी निकली है।

विदेशों से ऑनलाइन दान भी मिला है। मंदिर में देशभर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस बार कोरोना संक्रमण के कारण 2021 में कई दिनों तक श्रद्धालुओं का प्रवेश मंदिर में बंद कर दिया गया था। संक्रमण दर कम होते ही मंदिर प्रबंध समिति ने इसे 28 जून को पुनः श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया। 11 सितंबर 2021 से श्रद्धालुओं के लिए भस्म आरती में प्रवेश शुरू हुआ।

28 जून 2021 से लेकर 15 अक्टूबर 2021 तक करीब 3 महीने के दौरान भगवान महाकाल के खजाने में लड्डू प्रसाद, शीघ्र दर्शन टिकट, मंदिर परिसर में विभिन्न दान पेटियां, अभिषेक, भेंट से प्राप्त राशि, भस्म आरती बुकिंग व अन्य विविध आय, ध्वजा व श्रृंगार के माध्यम से करीब 23 करोड़ प्राप्त हुए है। आय के अलग अलग स्त्रोतों की बात की जाए तो शीघ्र दर्शन से भी खासी कमाई मंदिर को हुई है। इसमें 7 करोड़ 53 लाख रुपए की आय हुई है। भस्म आरती में एक दिन में 1 हजार श्रद्धालुओं को अनुमति मिल रही है, जिसमें ऑनलाइन परमिशन वाले श्रद्धालु को 100 रुपए और ऑफ लाइन परमिशन वाले श्रद्धालु को 200 रुपए शल्क दान के रूप में लग रहा है। वहीं, दिन भर सामान्य दर्शन तो नि:शुल्क है, लेकिन प्रोटोकॉल से दर्शन के लिए 100 रुपए प्रति दर्शनार्थी शुल्क दान के रूप में लिया जा रहा है। मंदिर समिति के अध्यक्ष व जिला कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा की  जिस तरह मंदिर का विस्तारीकरण हो रहा है, उसके लिए संसाधन भी जुटाने होंगे। दानदाताओं से अपील है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु दान कर अपना योगदान दें। आय बढ़ने के साथ मंदिर में खर्च भी बढ़ रहे हैं। हम मंदिर का लगाता विस्तार कर रहे हैं। यह आने वाले समय में श्रद्धालुओं के सुविधाजनक होगा।