यमुनानगर में आधे घँटे की बरसात लोगों के लिए बनी आफत

यमुनानगर में आधे घँटे की बरसात से जहां गर्मी से मिली राहत तो वही ये बरसात बनी आफत।जिससे कि मानसून से पहले नगर निगम ने जो दावे किए थे उनकी पोल भी खुलती दिखाई दी।जिधर देखो पानी ही पानी नजर आ रहा था।

यमुनानगर में आधे घँटे की बरसात लोगों के लिए बनी आफत
Yamunanagar (Sumit Oberoi) || यमुनानगर में आधे घँटे की बरसात से जहां गर्मी से मिली राहत तो वही ये बरसात बनी आफत।जिससे कि मानसून से पहले नगर निगम ने जो दावे किए थे उनकी पोल भी खुलती दिखाई दी।जिधर देखो पानी ही पानी नजर आ रहा था।आधे घँटे की बरसात से शहर के पाश इलाको समेत कई निचले ईलाके जलमग्न हो गए।बरसात से हुए जलभराव में कई वाहन फंसे नजर आए।बस स्टैंड ,कमानी चोंक,गांधी नगर,जम्मू कालोनी और कई इलाकों में 3 से 4 फुट तक पानी भर गया।वही लोगो का कहना है कि निकासी की सही व्यवस्था हो तो ये हाल न हो।

मानसून चल रहा है और ऐसे में बरसात होना स्वाभाविक है।लेकिन इसी मानसून से पहले अधिकारियों द्वारा निकासी की व्यवस्था को लेकर सभी नालियों और नालों का दौरा किया गया और निकासी व्यवस्था दरुस्त होने के दावे किए गए थे।लेकिन आधे घँटे की बरसात की ये तस्वीरें कुछ और ही बयां कर रही है ।हाइवे से लेकर घरों में पानी,दुकानों में पानी ,पानी के बीच फंसी कारे और दुपहिया वाहन परेशान लोग।लोगो ने बताया कि हर बार बरसात में यही हाल होता है।कमानी चोंक के पास सड़क को इसी वजह से ऊंचा उठाया गया था लेकिन अभी भी हालात वही है आसपास की कालोनियों में पानी आ जाता है लेकिन कोई सुध लेने वाला नही है।आज तीन तीन फुट पानी है।निकासी की व्यवस्था सही हो तो शायद ये हालात न हो।अब देखना होगा कि मानसून से की पहले दावे दूसरी तीसरी बरसात मे धुलते दिखाई दे रहे है।अब आने वाले समय मे निगम क्या व्यवस्था दुरुस्त करेगा या लोगो को ऐसे ही हर बरसात में मुसीबतों से दो चार होना पड़ेगा।