पारंपरिक रीति-रिवाजों से मोनिया नृत्य एवं दिवारी नृत्य का भव्य आयोजन...

द्वापर युग से चली जा रही बुंदेलखंड की पारंपरिक एवं रीति रिवाज और भक्ति भाव से दिवारी व मोनियो की परंपरा आज भी जिंदा है। मोनियो की परंपरा बुंदेलखंड की धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ बुंदेली विश्व प्रसिद्ध मोनिया नृत्य आज भी बुंदेलखंड के लोग बड़ी धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं।

पारंपरिक रीति-रिवाजों से मोनिया नृत्य एवं दिवारी नृत्य का भव्य आयोजन...

Hamirpur (Sandeep Saini) || द्वापर युग से चली जा रही बुंदेलखंड की पारंपरिक एवं रीति रिवाज और भक्ति भाव से दिवारी व मोनियो की परंपरा आज भी जिंदा है। मोनियो की परंपरा बुंदेलखंड की धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ बुंदेली विश्व प्रसिद्ध मोनिया नृत्य आज भी बुंदेलखंड के लोग बड़ी धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं।

 ऐसा ही जनपद हमीरपुर के राठ क्षेत्र के गांवों में देखने को मिला जैसा कि ग्राम औड़ेरा में मोनिया और दिवारी नृत्य का आयोजन दीपों के पर्व दीपावली की पूजा के बाद दूसरे दिन ग्रामीण क्षेत्रों के लोग उपवास रहकर मौन धारण करके हाथो में डांडिया सेरा नृत्य के डंडे लेकर मोर पंख धारण कर सुबह से ही 11 गांव व तीर्थ स्थानों की यात्रा के लिए घर से निकल जाते हैं सच में यह दृश्य देखकर दर्शक प्रफुल्लित हो जाते हैं लेकिन आज बुंदेलखंड में दिवारी और मोनिया नृत्य विलुप्त होते जा रहा है। बता दें कि यह परंपरा बुंदेलखंड के गांव गांव में मनाई जाती है। जो कि विश्व प्रसिद्ध है।