Panna Tiger Reserve से अच्छी खबर, ठीक हुई सबसे उम्रदराज 100 साल की हथिनी "वत्सला"

पन्ना टाइगर रिजर्व से एक अच्छी खबर है। यहां पिछले कई दिनों से बीमार दुनिया की सबसे उम्रदराज हथिनी की तबीयत में सुधार हो रहा है। बीमार वत्सला को ठीक करने के लिए वन विभाग और डॉक्टरों की टीम उसकी विशेष देखभाल कर रही है और बेहतर इलाज भी किया जा रहा है।

Panna Tiger Reserve से अच्छी खबर, ठीक हुई सबसे उम्रदराज 100 साल की हथिनी "वत्सला"

Panna (Atul Rakwar) || पन्ना टाइगर रिजर्व से एक अच्छी खबर है। यहां पिछले कई दिनों से बीमार दुनिया की सबसे उम्रदराज हथिनी की तबीयत में सुधार हो रहा है। बीमार वत्सला को ठीक करने के लिए वन विभाग और डॉक्टरों की टीम उसकी विशेष देखभाल कर रही है और बेहतर इलाज भी किया जा रहा है। इलाज का असर भी दिखाई देने लगा है। बीते कई दिनों से खाना-पीना छोड़ देने वाली 100 साल से ज्यादा उम्र की हथिनी वत्सला ने फिर से खाना पीना शुरू कर दिया है।

वत्सला को टाइगर रिजर्व के गेट के पास बने स्पेशल केज में रखा जाता है. यहीं डॉक्टर उसका इलाज करते हैं। समय समय पर उसे घूमाने के लिए बाहर भी निकाला जाता है। कुछ दिनों पहले खाना-पीना छोड़ चुकी वत्सला ने इलाज के बाद फिर से खाना शुरू कर दिया है। उसके केज के सामने ही वत्सला के लिए खाना बनाया जाता है। डाइजेशन सिस्टम फिर से खराब न हो इसके लिए उसे पानी भी उबाल कर दिया जा रहा है। साथ ही डाइट भी सामान्य रखी जा रही है। भारत की आजादी की गवाह रही हथिनी वत्सला 100 साल से ज्यादा उम्र की हो चुकी है। मोतियाबिंद से अपनी आंखों की रोशनी खो चुकी हथिनी वत्सला की दुनिया अब अंधेरी हो चुकी है। उसे दिखाई देना भी बंद हो गया है। अब वह सिर्फ अपने महावत की आवाज ही पहचानती है। वन्यजीव चिकित्सक की माने तो तीन से चार माह के भीतर यहां एक रेस्क्यू सेंटर बना दिया जाएगा। जिसके बाद बीमार वन्यजीवों का यहां लगातार उपचार किया जा सकेगा। अभी वन विभाग और डॉक्टरों की एक टीम किसी भी वन्यप्राणी के बीमार होने पर मौके पर जाकर ही उनका उपचार करती है।