मनीष ग्रोवर-किसान विवाद को लेकर पूर्व मंत्री ग्रोवर का बयान

पूर्व मंत्री व भाजपा नेता मनीष ग्रोवर तथा किसानों के बीच चल रहा विवाद देर रात को खत्म हो गया। रोहतक स्थित कैनाल रेस्ट हाउस में जिला प्रशासन, भाजपा व किसानों की बैठक के बाद इस मसले का समाधान निकाल लिया गया और किसानों ने भी अपना धरना खत्म कर दिया।

मनीष ग्रोवर-किसान विवाद को लेकर पूर्व मंत्री ग्रोवर का बयान

Rohtak (Harshvardhan) || पूर्व मंत्री व भाजपा नेता मनीष ग्रोवर तथा किसानों के बीच चल रहा विवाद देर रात को खत्म हो गया। रोहतक स्थित कैनाल रेस्ट हाउस में जिला प्रशासन, भाजपा व किसानों की बैठक के बाद इस मसले का समाधान निकाल लिया गया और किसानों ने भी अपना धरना खत्म कर दिया। अब राजनीतिक दल व किसानों के नेता यह कहने में लगे हुए हैं कि मनीष ग्रोवर ने माफी मांग ली, जबकि मनीष ग्रोवर का कहना है कि उन्होंने पार्टी के आदेश का पालन किया है। उन्होंने माफी नहीं मांगी, केवल बुजुर्ग महिलाओं का आशीर्वाद लिया, वह नहीं चाहते कि शहर की शांति भंग हो।

किसानों का मनीष ग्रोवर के खिलाफ हिसार प्रकरण को लेकर 5 दिन से धरना चल रहा था। आखिर देर रात भाजपा के नेता, जिला प्रशासन व धरना दे रहे किसानों के नेता कैनाल रेस्ट हाउस पहुंचे और वहां पर बैठक की। जिसके बाद मनीष ग्रोवर कैनाल रेस्ट हाउस में बुलाया गया और कमरे के अंदर से बाहर आकर किसान नेताओं ने यह कहा कि विवाद सुलझ गया है और वे धरना खत्म करने का ऐलान करते हैं। लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ चर्चाएं चली कि मनीष ग्रोवर ने किसानों से माफी मांगी है, इसे लेकर पूर्व सहकारिता राज्य मंत्री व भाजपा नेता मनीष ग्रोवर मीडिया के सामने आए और उन्होंने पूरी मामले से वाकिफ कराया।

मनीष ग्रोवर का कहना है कि इस संबंध में भारतीय जनता पार्टी की एक बैठक हुई थी और उस बैठक के बाद जिला प्रशासन, भाजपा जिला अध्यक्ष व किसान नेताओं ने कैनाल रेस्ट हाउस में बैठक कर मामले को सुलझाया है। वे तो रेस्ट हाउस में हुई बैठक होने के काफी देर बाद पहुंचे थे और जहां तक माफी मांगने की बात है तो उन्होंने माफी नहीं मांगी। वहां पर धरना दे रही महिलाएं भी पहुंची थी और जब वे उनसे मिले, तो वह महिलाएं 80-85 साल की उम्र की थी, जो उनकी मां के समान है। उन्होंने उन महिलाओं के पैर छूकर आशीर्वाद जरूर लिया था। वे बता देना चाहते हैं कि उन्होंने पहले खेद प्रकट कर दिया था, शायद उसे इन धरना देने वालों ने उनकी कमजोरी समझ लिया। वह कमजोर नहीं है, लेकिन वे नहीं चाहते थे किस शहर की शांति भंग हो। इसलिए उन्होंने भाजपा पार्टी के आदेशों का पालन करते हुए इस मामले को सुलझा लिया है।

 उन्होंने कहा कि उनके ऊपर अश्लील इशारा करने का जो आरोप लगाया गया था वह झूठा था। इसीलिए धरना देने वाले इन लोगों को रोहतक की जनता ने साथ नहीं दिया। जिसके लिए वे जनता का धन्यवाद करते हैं। उन्होंने कहा कि यहां तक धरना देने वाले कई किसान नेताओं ने तो यह भी कहा था कि उन्होंने हिसार से धरना देने के लिए आने वाले किसानों को रोका था, लेकिन शायद किसी के दबाव में वह यहां आकर धरना देने पहुंचे है, कहीं ना कहीं इसके पीछे भी कोई राजनीतिक साजिश है।

पूर्व सहकारिता राज्यमंत्री मनीष ग्रोवर ने इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला पर चुटकी लेते हुए कहा कि जब से ओम प्रकाश चौटाला जेल से बाहर निकले हैं मुंगेरीलाल के सपने देख रहे हैं। इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने कल रोहतक जिला पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं से बात करते हुए कहा था कि देश में मध्यावधि चुनाव हो सकते हैं ।