'संकट मोचक' बनी दिल्ली पुलिस, महिला के दाह संस्कार के लिए की मदद

बाहरी दिल्ली के नरेला स्थित सुशीला अस्पताल में एक कोविड पॉजिटिव मरीज की मृत्यु की सूचना बीट ऑफिसर सीटी को मिली थी

'संकट मोचक' बनी दिल्ली पुलिस, महिला के दाह संस्कार के लिए की मदद

Narela (Amit Jha) || बीते दिन दिल्ली पुलिस जो दिल की पुलिस कही जाती है उसने एक और मिसाल कायम की है। कल बाहरी दिल्ली के नरेला स्थित सुशीला अस्पताल में  एक कोविड पॉजिटिव मरीज की मृत्यु की सूचना बीट ऑफिसर सीटी को मिली थी। और फिर पीएस नरेला के सीटी अशोक और सीटी नवीन, कोविद -19 प्रोटोकोल और  सभी सुरक्षात्मक गियर से लैस होने के बाद अस्पताल पहुंचे और पाया कि एक महिला जिसका नाम अरुणा श्रीवास्तव  है।

और इस महिला को 22 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया और 27 अप्रैल को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं महिला के परिवार के सदस्य अस्पताल में मौजूद थे, लेकिन श्मशान की औपचारिकताओं को पूरा करने की स्थिति में नहीं थे और कोई भी उनकी मदद करने के लिए आगे नहीं आया।  मामले की गंभीरता का विश्लेषण करते हुए, पीएस नरेला और दो कांस्टेबलों ने अस्पताल से डेडबॉडी को पियाउ मनिरी, सड़क, नरेला, दिल्ली में अंतिम संस्कार के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था की। और एक कांस्टेबलों ने मिर्तक महिला के दाह संस्कार के लिए सभी सामग्रियों का इंतजाम किया और अंतत: अंतिम संस्कार की विधि हिंदू अनुष्ठानों और परिवार के सदस्यों की मौजदूगी में उनका अंतिम संस्कार करवाया  गया। दिल्ली पुलिस द्वारा किया गया ये कार्य  मानवता का प्रतीक है और निश्चित रूप से covid -19 महामारी के इस मुश्किल समय में आम जनता के बीच दिल्ली पुलिस की अच्छी छवि बनाएगा।