डब्ल्यूएचओ में भी बजा दादरी की वैक्सीनेशन ड्राइव का डंका

दुनिया में स्वास्थ्य क्षेत्र की सबसे बड़ी संस्था डब्ल्यूएचओ में भी इन दिनों वैक्सीनेशन ड्राइव बारे दादरी जिला के बारे में चर्चा हो रही है। जिला के 30 गांवों में 100 प्रतिशत से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी हैं। इसको लेकर संगठन शोध कर रहा है और इस पर एनएचएम के साथ मिलकर एक डिटेल्ड केस स्टडी बनाई जा रही है।

डब्ल्यूएचओ में भी बजा दादरी की वैक्सीनेशन ड्राइव का डंका

Charkhi Dadri (Pradeep Sahu) || दुनिया में स्वास्थ्य क्षेत्र की सबसे बड़ी संस्था डब्ल्यूएचओ में भी इन दिनों वैक्सीनेशन ड्राइव बारे दादरी जिला के बारे में चर्चा हो रही है। जिला के 30 गांवों में 100 प्रतिशत से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी हैं। इसको लेकर संगठन शोध कर रहा है और इस पर एनएचएम के साथ मिलकर एक डिटेल्ड केस स्टडी बनाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आगामी 15 दिनों में दादरी जिला को 100 प्रतिशत वैक्सीनेशन का जिला बनाने की कवायद शुरू कर दी है। अगर ऐसा होता है तो दादरी जिला 100 प्रतिशत वैक्सीनेशन लगाने वाला पहला जिला होगा।

बता दें कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रशासन की मदद से दादरी के बाढड़ा पीएचसी के अंर्तगत आने वाले गांव गोविंदपुरा में जब सबसे पहले वैक्सीन का काम पुरा हुआ था। तभी विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसकी रिपोर्ट मांग ली थी और अब क्षेत्र की वैक्सीन का कार्य पूरा करने की उपलब्धि पर एनएचएम के साथ मिलकर डिटेल्ड केस स्टडी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। यह कार्य विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से करवाया जा रहा है। जिला को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन में हो रही चर्चा का कारण जिला के स्वास्थ्य कर्मियों की कड़ी मेहनत है, जिसके बलबूते आज जिला के 30 गांवों के 18 वर्ष से अधिक आयु के 100 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य हासिल किया जा सका है। वहीं आगामी 15 दिनों में जिलेभर के सभी 172 गांवों में वैक्सीन लगाने का टारगेट निर्धारित करते हुए विभाग की टीमें फील्ड में उतर चुकी हैं। विशेष बात ये है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा डब्ल्यूएचओ के सहयोग से डबल वैरिफिकेशन भी करवाई जा रही है। ताकि जिले में कोई 18 प्लस वाला कोई भी व्यक्ति वैक्सीनेशन से ना रह जाए।
रेंडम सैंपल भी लिए, नहीं मिला कोई पॉजिटीव
स्वास्थ्य विभाग की सूचना के अनुसार दादरी जिला कोरोना मुक्त है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार स्वास्थ्य विभाग ने छिपे कोरोना संक्रमित ढूंढने के लिए रेंडम सैंपल भी लिए हैं। करीब एक हजार ऐसे सैंपल अब तक लिए जा चुके हैं और इनमें से एक भी रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई है। हालांकि छुपे केस तलाशने की कवायद अभी भी जारी है।