अम्बाला में आस्था पर साफ दिखा कोरोना का असर

मंदिरों में नजर आया कोरोना का बड़ा असर , कम संख्या में पहुंचे श्रद्धालु , स्वास्थ्य विभाग ने मंदिर समितियों को दिए निर्देश , सोशल डिस्टेंसिंग , मास्क के नियमों का करना होगा सख्ती से पालन , उलंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई , अंबाला के मंदिरों में दिखी कोरोना से बचाव की पूरी तैयारी।

अम्बाला में आस्था पर साफ दिखा कोरोना का असर

Ambala (Ankur Kapoor) || नवरात्रों  की शुरुआत हो चुकी है। लेकिन कोरोना के चलते इस बार मंदिरो में बहुत कम श्रद्धालु देखने मिले। अम्बाला शहर के प्रसिद्ध महाकाली दुख भंजनी मंदिर की बात करें तो पिछली बार की तरह इस बार भी भक्तों में ज्यादा उत्साह नहीं दिखा। वहीं कोरोना संक्रमण के बढ़ते हुए मामलो को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नवरात्रो के दौरान अहम गाइडलाइन्स जारी की हैं। जिसकी जानकारी देते हुए अम्बाला  के सिविल सर्जन ने बताया की नियमो की अवहेलना करने वालो पर सख्त कार्रवाई की जायेगी।

कोरोना काल में फिर से नवरात्रों का आगमन प्रशासन के लिए चिंताएं लेकर आया है। तेजी के साथ बढ़ संक्रमण के बीच अब लाजमी है कि श्रद्धालु नवरात्रों के चलते मंदिरों में पहुंचेगे। ऐसे में लोगों को महामारी से बचाव के नियमों का पालन करवाना भी प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। इसी के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने मंदिर समितियों को कई अहम निर्देश दिए हैं। जिसे लेकर सिविल सर्जन ने बताया कि अगर कोई भी नियमों की उल्लंघना करता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।

वहीं मंदिरों में कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखा गया है। मंदिर में जारी की गयी विभिन्न हिदायतों की जानकारी देते हुए पुजारी जी ने बताया की मंदिर में सरकार की सभी गाईडलाईन्स की पालना की जा रही। बिना मास्क और बिना स्क्रीनिंग के किसी को भी अंदर आने की इजाजत नहीं है। वही जब मंदिर में पहुंचे श्रद्धालुओं से बात की गई तो उनका  यही कहना है  कि कोरोना काल से बचाव के लिए सभी मास्क ,सेनेटाइजिंग और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ माता रानी के दर्शन कर रहे हैं | अंबाला के मंदिरों में कोरोना की वजह से शाम तक नहीं दिखी रौनक , बहुत कम श्रद्धालु पहुंचे मंदिर।