कालाबाजारी करने वाले डूब मरो, यहां मिलती है फ्री में ऑक्सीजन

कोरोना संक्रमण का फायदा उठाकर कालाबाजारी करने वाले लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने में जुटे हुए हैं। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनकी वजह से मानवता जिंदा है। कोरोना काल में ऑक्सीजन की आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए रोहतक में कुछ युवाओं ने मिलकर फ्री ऑक्सीजन देने का काम शुरू कर रखा है। ऑक्सीजन लेने वाले लोग भी दिल से इनका धन्यवाद कर रहे हैं और कह रहे हैं कि ऐसे लोगों की देश को जरूरत है।

कालाबाजारी करने वाले डूब मरो, यहां मिलती है फ्री में ऑक्सीजन

Rohtak (Harsha Vardhan) || रोहतक गांधी कैंप चाऊमीन चौक के रहने वाले जितेंद्र विज के पड़ोस की रहने वाली आंटी को कोरोना संक्रमण के चलते सांस लेने में दिक्कत हुई वह मदद के लिए इधर-उधर भागे, लेकिन उनको ऑक्सीजन मिलने में काफी दिक्कतें पेश आई। हालांकि भागदौड़ कर ऑक्सीजन मिल गई और उनकी आंटी की जान बच गई। ऐसे में उन्होंने सोचा कि ऐसे कितने लोग होंगे जिन्हें ऑक्सीजन की जरूरत है और नहीं मिल पा रही है। कॉलोनी के रहने वाले कुछ युवकों ने लोगों की मदद करने का बीड़ा उठा लिया । यह लोग बड़े सिलेंडर खरीद कर ऑक्सीजन ला रहे हैं और जरूरतमंद लोगों को छोटे सिलेंडरों में यह अक्सीजन फ्री भर कर दे रहे हैं।

इन लोगों का कहना है कि कालाबाजारी करने वालों को कुछ सोचना चाहिए कि उनका भी परिवार है और ऐसे समय में लोगों की मजबूरी का फायदा उठाना मानवता के लिए बहुत गलत है। विज ने कहा की छोटे सिलेंडर हम इसलिए दे रहे हैं ताकि सबकी मदद हो सके। ऑक्सीजन लेने के लिए अपना छोटा सिलेंडर और डॉक्टर की पर्ची लेकर कोई भी आ सकता है वे उन्हें फ्री में ऑक्सीजन देंगे। उनके पास हर रोज लगभग 200 के करीब आदमी ऑक्सीजन लेकर जा रहे हैं और उनके पास रोहतक से ही नहीं आसपास के जिलों से भी ऑक्सीजन लेने के लिए  लोग पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर और जरूरत पड़ी तो और भी ऑक्सीजन के सिलेंडर देने की कोशिश करेंगे।

अपने परिजनों की जान बचाने के लिए ऑक्सीजन लेने पहुंचे लोगों का कहना है कि ऐसे लोगों की समाज को बहुत जरूरत है। जो बिना किसी भेदभाव के लोगों को फ्री में ऑक्सीजन मुहैया करा रहे हैं। कालाबाजारी करने वाले लोगों को इनसे सबक लेना चाहिए कि मजबूरी में किसी का फायदा ना उठाएं। भविष्य में अगर उन पर दिक्कत आई तो उनकी कौन मदद करेगा। वह इन लोगों का बार बार धन्यवाद करते हैं जो इस दुख की घड़ी में लोगों की जान बचाने में जुटे हुए हैं।