3 तलाक का कानून बनवा मुस्लिम समुदाय की हमदर्दी जीती हैं तो वंही आज मुस्लिम महिलाओं में इस कानून 1के प्रति जागरूकता दिखाई दी, यमुनानगर में ये हरियाणा राज्य का दूसरा केस

जब इस महिला का 3 तलाक का मामला कोर्ट के दरवाजे पर पहुंचा तो महिला पक्ष के वकील ने दो दिन की कड़ी मेहनत कर पीड़ित महिला के पति को नए मुस्लिम वुमन लॉ प्रोटक्शन एंड राइट मैरिज एक्ट के तहत बहस कर उसे न्यायिक हिरासत में भिजवाने का काम किया है , वन्ही वकील ने ये भी बताया कि दूसरे पक्ष ने पूरी कोशिश की वह इस कानून से बच सके ओर अंदर न जाए ।

3 तलाक का कानून बनवा मुस्लिम समुदाय की हमदर्दी जीती हैं तो वंही आज मुस्लिम महिलाओं में इस कानून 1के प्रति जागरूकता दिखाई दी, यमुनानगर में ये हरियाणा राज्य का दूसरा केस

जैसे ही देश के अंदर तीन तलाक का कानून बना और देश की न्यायिक परिसरों में लागू हुआ तो मुस्लिम समुदाय की महिलाओं में जागरूकता दिखाई दी, जंहा हरियाणा के मेवात नूह में 3 तलाक का पहला केस कोर्ट में दर्ज हुआ तो वंही हरियाणा के यमुनानगर में दूसरा केस कोर्ट में दाखिल कर 3 तलाक से पीड़िता ने अपने पति को जेल भिजवा दिया ,आपको ये अटपटा जरूर लगेगा लेकिन ये एक सच्चाई भी है  कि रात को 3 बजे इस महिला के पति ने अपनी पत्नी को 3 तलाक देकर रात को ही घर से धक्के मारकर बाहर निकाल दिया ।जंहा देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मुस्लिम समुदाय के लिए 3 तलाक का कानून बनवा मुस्लिम समुदाय की हमदर्दी जीती हैं तो वंही आज मुस्लिम महिलाओं में इस कानून 1के प्रति जागरूकता दिखाई दी, यमुनानगर में ये हरियाणा राज्य का दूसरा केस है जब मुस्लिम महिला ने अपने पति से 3 तलाक से तंग आ कर कोर्ट में केस दाखिल किया और अपने पति को न्यायिक हिरासत में भिजवा  दिया  ।पीड़ित महिला ने बताया कि मेरी शादी को 11 साल हो गए , जब से मेरी शादी हुई तब से ही मेरा पतिमेरी मार पिटाई करता है , मानिसक ओर शरीरिक शोषण करता है , कई बार मैंने इनकी कंपलेंट की लेकिन दबाब में आकर फैसला मान लेती थी ,मेरे घरवाले पंचायत कर वन्ही पर भेज देते थे, अब 15 अगस्त की रात को मेरे पति मुझे सारी रात पीटते रहे मेरा मानशिक व शरीरिक शोषण करते रहे और रात के 3 बजे मुझे 3 तलाक बोल घर से धक्के मार बाहर निकाल दिया, मै सुबह तक घर बहार गेट के पास बैठी रही जब भी मै अंदर जाने लगी तो मुझे जान से मारने की धमकी देने लगे और जब सुबह हुई तो इनके माँ बाप से कहा तो उन्होंने भी मेरा साथ देने की बजाय मुझे घर से बाहर निकाल दिया, वो लोग भी इस मे बराबर के हिस्सेदार है , 2018 में भी मेरे पति ने मुझे 3 तलाक दिया था लेकिन पंचायत और घरवालों ने लिखा पढ़ी कर मुझे मेरे पति के पास भेज दिया था ।अब मैंने अपने पति व उसके घरवालों के खिलाफ बुड़िया थाने में एफ आई आर दर्ज कराई ओर इस केस को कोर्ट में ले गई जंहा पर अब मेरे पति अंदर है जेल में , कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया है । जब इस महिला का 3 तलाक का मामला कोर्ट के दरवाजे पर पहुंचा तो महिला पक्ष के वकील ने दो दिन की कड़ी मेहनत कर पीड़ित महिला के पति को नए मुस्लिम वुमन लॉ प्रोटक्शन एंड राइट मैरिज एक्ट के तहत बहस कर उसे न्यायिक हिरासत में भिजवाने का काम किया है , वन्ही वकील ने ये भी बताया कि दूसरे पक्ष ने पूरी कोशिश की वह इस कानून से बच सके ओर अंदर न जाए ।